श्रेष्ठ योजना क्या है?

श्रेष्ठ, यानी "Scheme for Residential Education for Students in High Schools in Targeted Areas", सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार की एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे जून 2022 में स्वीकृति दी गई थी। इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को देश के श्रेष्ठ निजी आवासीय विद्यालयों में कक्षा 9वीं और कक्षा 11वीं में प्रवेश दिया जाता है, जिससे वे 12वीं तक की शिक्षा उच्च गुणवत्ता के वातावरण में पूरी कर सकें।

📋 आधिकारिक सूचना पर आधारित

यह जानकारी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय व राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा जारी आधिकारिक सूचना बुलेटिन व सार्वजनिक विज्ञप्तियों पर आधारित है। नवीनतम व कानूनी रूप से मान्य जानकारी के लिए सदैव आधिकारिक पोर्टल देखें।

योजना का उद्देश्य

संचालक निकाय

योजना का क्रियान्वयन सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत सामाजिक न्याय विभाग द्वारा किया जाता है। प्रवेश परीक्षा के आयोजन की ज़िम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (National Testing Agency – NTA) को सौंपी गई है, जो JEE, NEET जैसी अन्य प्रमुख राष्ट्रीय परीक्षाएं भी आयोजित करती है।

योजना कैसे काम करती है?

योजना दो प्रमुख माध्यमों से संचालित होती है: पहला, चयनित अनुदान-प्राप्त गैर-सरकारी संस्थानों व आवासीय विद्यालयों के माध्यम से, और दूसरा — जो अधिक प्रचलित मार्ग है — CBSE/राज्य बोर्ड से संबद्ध ऐसे श्रेष्ठ निजी विद्यालयों के माध्यम से जिनका विगत तीन वर्षों का परीक्षा परिणाम 75% से अधिक रहा हो। इन विद्यालयों में मेधावी SC छात्रों को NETS प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर सीटें आवंटित की जाती हैं।

शुल्क संरचना

चयनित विद्यार्थियों की संपूर्ण ट्यूशन फीस तथा हॉस्टल/मेस शुल्क केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है, जो एक निर्धारित अधिकतम सीमा तक होता है:

कक्षाअनुमन्य अधिकतम वार्षिक शुल्क (लगभग)
कक्षा 9वीं₹1,00,000
कक्षा 10वीं₹1,10,000
कक्षा 11वीं₹1,25,000
कक्षा 12वीं₹1,35,000

ये आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध योजना-विवरण पर आधारित संकेतक हैं और समय के साथ संशोधित हो सकते हैं। सटीक व वर्तमान आंकड़ों के लिए मंत्रालय की आधिकारिक अधिसूचना देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रेष्ठ योजना को सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार ने जून 2022 में शुरू किया था।

अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता के अंतर को पाटना, मेधावी SC छात्रों को श्रेष्ठ विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर सामाजिक-आर्थिक उन्नयन को बढ़ावा देना, इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।